CTET 2021 प्रश्नपत्र (Hindi) – Previous Year Question Paper – December Shift1 part7

बालक का विकास किन क्षेत्रों में बँटा है?  A. गामक, मनोवैज्ञानिक, संवेदनात्मक और सामाजिक B. शारीरिक, संज्ञानात्मक, आध्यात्मिक और संवेदनात्मक  C. शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक और संवेदनात्मक  D. मनोवैज्ञानिक, शारीरिक, सामाजिक और संवेदनात्मक  निम्नलिखित में से कौन-सा सिद्धान्त यह दर्शाता है कि विकास सीधे सिर से पैर तक होता है? A. शीर्षाभिमुख सिद्धांत B. समीपदूराभिमुख सिद्धांत C. विशिष्टता से संबंधित सिद्धांत … Read more

CTET 2021 प्रश्नपत्र (Hindi) – Previous Year Question Paper – December Shift1 part67

कथन (A): बच्चों को आरंभिक बाल्यावस्था में विकास और अधिगम हेतु प्यार, देखभाल और बहुत से अवसर प्रदान करने चाहिए।  तर्क (R): गंभीर रुप से वंचित बाल्यावस्था के परिणामों को बाद के वर्षों में बदलना बहुत आसन होता है।  A. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है। B. (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन … Read more

CTET 2021 प्रश्नपत्र (Hindi) – Previous Year Question Paper – December Shift1 part58

सामाजिक रचनावादी परिप्रेक्ष्य में बच्चों को किस तरह से देखते हैं? A. जानकारी के निष्क्रिय ग्रहणकर्ता B. अपने सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ से स्वतंत्र C. ज्ञान के सक्रिय सृजनकर्ता D. आनुवंशिकता से पूर्व-क्रमादेशित अभिकथन (A): सही पोषण, पर्याप्त नींद और शारीरिक गतिविधि बच्चों की सामाजिक संपर्क में संलग्न होने की क्षमताओं को बढ़ावा देती है, जो बदले में … Read more

CTET 2021 प्रश्नपत्र (Hindi) – Previous Year Question Paper – December Shift1 part57

जीन पियाजे अपने संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में, संज्ञानात्मक संरचनाओं को ____ के रुप में वर्णित करते हैं।  A. उद्दीपक-अनुक्रिया संबंध B. समीपस्थ विकास के क्षेत्र C. स्कीमा D. मनोवैज्ञानिक उपकरणों जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में, पूर्व-संक्रियात्यक अवस्था में विकास का मुख्य गुण क्‍या होता है? A. विचार/सोच में केंद्रीकरण B. परिकल्पित-निगमनात्यक … Read more

CTET 2021 प्रश्नपत्र (Hindi) – Previous Year Question Paper – December Shift1 part56

विकास के किस चरण में बहुत से हार्मोन संबंधी परिवर्तन होते हैं तथा अपनी पहचान की सक्रिय खोज पर बल होता है? A. किशोरावस्था  B. शैशवावस्था  C. प्रारंभिक बाल्यवस्था  D. माध्यमिक बाल्यवस्था कथन (A): भाषा विकास केवल शैशवावस्था के दौरान होता है और इसलिए केवल शैशवावस्था तक ही उपयुक्त उद्दीपन प्रदान करना चाहिए।  तर्क (R): … Read more

CTET 2021 प्रश्नपत्र (Hindi) – Previous Year Question Paper – December Shift1 part52

अभिकथन (A): मनुष्य अपने पूरे जीवन काल में गत्यात्मक और संज्ञानात्मक क्षेत्र में नई चीजें सीखने और याद रखने में सक्षम हैं। कारण (R) : गंभीर रूप से वंचित बचपन के परिणाम को बाद के वर्षों में आसानी से बदला जा सकता है। सही विकल्प चुनें। A. (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R) (A) की सही … Read more

CTET 2021 प्रश्नपत्र (Hindi) – Previous Year Question Paper – December Shift1 part50

यह अवधारणा कि बच्चों के आचरण को प्रबलीकरण और दण्डों द्वारा परिवर्तित किया जा सकता है, इस विचार पर आधारित है कि प्राथमिक रूप से विकास किससे प्रभावित होता है? A. केवल आनुवंशिकता से B. आनुवंशिकता और वातावरण से  C. केवल वातावरण से D. न तो आनुवंशिकता से और न ही वातावरण से एक बच्चा … Read more

CTET 2021 प्रश्नपत्र (Hindi) – Previous Year Question Paper – December Shift1 part5

यह अवधारणा कि बच्चों के आचरण को प्रबलीकरण और दण्डों द्वारा परिवर्तित किया जा सकता है, इस विचार पर आधारित है कि प्राथमिक रूप से विकास किससे प्रभावित होता है? A. केवल आनुवंशिकता से B. आनुवंशिकता और वातावरण से  C. केवल वातावरण से D. न तो आनुवंशिकता से और न ही वातावरण से एक बच्चा … Read more

CTET 2021 प्रश्नपत्र (Hindi) – Previous Year Question Paper – December Shift1 part47

विकास, अनुदैर्ध्य (अधोमुखी) अक्ष की दिशा में आगे बढ़ता है। विकास का यह सिद्धांत क्या कहलाता है? A. समीपदूराभिमुख B. पारस्परिकता C. शीर्षगामी D. निरंतरता समकालीन सिद्धान्तकार ‘बाल्यावस्था’ को ______ मानते हैं।  A. एक सामाजिक संरचना B. सभी संस्कृतियों में पवित्र काल C. बहुत अधिक तनाव और चिंता का काल D. किशोरावस्था तक का विकास … Read more

CTET 2021 प्रश्नपत्र (Hindi) – Previous Year Question Paper – December Shift1 part44

विकास की दिशा और क्रम हर बच्चे के लिए समान होता है, लेकिन हर बच्चा अपनी गति से विकसित होता है। यह बालविकास के निम्नलिखित मे से किस सिद्धांत को दर्शाता है? A. अनिरंतरता B. रैखिकता C. एकरूपता D. वैयक्तिकता कथन (A): बालक और बाल्यावस्था के बारे में सामान्यीकृत दावा करना कठिन हैं क्योंकि इसमें बहुत बहुलता/ विविधता है। तर्क … Read more

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